भरोसाBharosa
🚀 ₹50 Lakh+ Disbursed🔒 1000+ Happy Investors⚡ 100% Secure & Paperless🛡️ Strict Borrower KYC🚀 ₹50 Lakh+ Disbursed🔒 1000+ Happy Investors⚡ 100% Secure & Paperless🛡️ Strict Borrower KYC
← नॉलेज सेंटर
भारत के बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में AI की क्रांति, एक साल में 65% तक बढ़ेगा इस्तेमाल

AI & Fintech

भारत के बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में AI की क्रांति, एक साल में 65% तक बढ़ेगा इस्तेमाल

परिचय भारत का वित्तीय क्षेत्र यानी बैंकिंग, लोन और इंश्योरेंस सेक्टर एक बहुत बड़े तकनीकी बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वित्तीय सेवाओं में आ

Bharosa AI Editor6 min read

परिचय

भारत का वित्तीय क्षेत्र यानी बैंकिंग, लोन और इंश्योरेंस सेक्टर एक बहुत बड़े तकनीकी बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वित्तीय सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल आने वाले एक साल के भीतर 26 प्रतिशत से सीधे 65 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इसका मतलब है कि देश के बैंक, एनबीएफसी (NBFC) और फिनटेक कंपनियां अपने दैनिक कामकाज, लोन देने की प्रक्रिया और ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए एआई आधारित डिजिटल टूल्स पर भरोसा बढ़ा रही हैं।

यह बदलाव केवल बड़े बैंकों या टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर आम आदमी, छोटे व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों पर भी देखने को मिलेगा। अब बैंकिंग ऐप्स से लेकर लोन अप्रूवल तक सब कुछ अधिक त्वरित और डिजिटल होने जा रहा है।

विस्तार और पृष्ठभूमि

पिछले कुछ सालों में भारत ने डिजिटल पेमेंट्स और यूपीआई (UPI) के मामले में दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अब इसी कड़ी में एआई टूल्स का समावेशन वित्तीय संस्थाओं के लिए नया हथियार बन रहा है। पहले जहां किसी पर्सनल लोन या बिजनेस लोन को प्रोसेस होने में हफ्तों का समय लगता था, वहीं अब एआई एल्गोरिदम की मदद से कुछ ही मिनटों में दस्तावेज जांचे जा रहे हैं।

एआई की मदद से वित्तीय कंपनियां न केवल ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर और बैंकिंग रिकॉर्ड्स का त्वरित विश्लेषण कर पा रही हैं, बल्कि वे धोखाधड़ी (Fraud) को रोकने में भी कामयाबी हासिल कर रही हैं। संदिग्ध लेनदेन की पहचान करना, स्वचालित कस्टमर सपोर्ट (चैटबॉट्स) देना और व्यक्तिगत वित्तीय सलाह प्रदान करना अब बहुत आसान हो गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि इतनी तेजी से एआई को अपनाने के पीछे मुख्य कारण भारत में स्मार्टफोन और सस्ते डेटा की उपलब्धता है। देश के ग्रामीण और छोटे शहरों के लोग भी अब बैंकिंग ऐप का उपयोग कर रहे हैं। इस विशाल ग्राहक वर्ग को तेजी से सेवाएं देने के लिए वित्तीय संस्थानों के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

एआई से बदलती लोन और इंश्योरेंस की दुनिया

फाइनेंशियल टेक (Fintech) कंपनियां अब एआई का उपयोग करके जोखिम प्रबंधन (Risk Management) को बेहतर बना रही हैं। इससे क्रेडिट हिस्ट्री न होने वाले नए ग्राहकों को भी माइक्रो-लोन (छोटे कर्ज) पाना संभव हो रहा है। बीमा कंपनियां एआई आधारित कैमरों और एल्गोरिदम से क्लेम प्रोसेस को आसान बना रही हैं।

आम आदमी पर असर

जब वित्तीय क्षेत्र में एआई का दायरा 26% से बढ़कर 65% होगा, तो आम भारतीय की जिंदगी में कई व्यावहारिक बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • तेज लोन अप्रूवल: लोन एप्लीकेशन जमा करने के बाद लंबे इंतजार की जरूरत नहीं होगी। एआई सिस्टम कुछ ही मिनटों में पात्रता जांचकर फैसला ले सकता है।
  • 24/7 ग्राहक सेवा: बैंकों के चक्कर लगाने या कॉल सेंटर पर लंबा इंतजार करने के बजाय, एआई चैटबॉट्स के जरिए व्हाट्सएप या ऐप पर ही सवालों के जवाब मिल जाएंगे।
  • सुरक्षा में इजाफा: साइबर फ्रॉड और बैंक खातों से होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एआई रियल-टाइम में संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करेगा।
  • सटीक ऑफर्स: आपकी आय और खर्च के व्यवहार को समझकर बैंक आपको वही क्रेडिट कार्ड या लोन प्रोडक्ट ऑफर करेंगे जिनकी आपको वाकई जरूरत है।
  • डिजिटल साक्षरता की जरूरत: तकनीकी बदलाव के साथ आम आदमी को भी स्मार्टफोन और बैंकिंग ऐप्स के सुरक्षित इस्तेमाल की समझ बढ़ानी होगी।

क्या जाँचें

डिजिटल और एआई-संचालित बैंकिंग के इस दौर में सहूलियत के साथ-साथ सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है। जब बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ऑटोमेटेड हो रही हों, तो ग्राहकों को नीचे दी गई बातों की जांच जरूर करनी चाहिए:

1. आधिकारिक ऐप का ही इस्तेमाल करें: कभी भी किसी अज्ञात लिंक या अनधिकृत ऐप स्टोर से बैंकिंग या फिनटेक ऐप डाउनलोड न करें। 2. सहमति और प्राइवेसी पढ़ें: जब आप किसी एआई-बेस्ड लोन ऐप को अपने फोन के डेटा, कांटेक्ट या लोकेशन की परमिशन देते हैं, तो नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें। 3. ब्याज दरों और छिपाए गए शुल्क की जांच: एआई तुरंत लोन ऑफर कर सकता है, लेकिन लोन लेने से पहले आरबीआई (RBI) द्वारा तय ब्याज दरों और प्रोसेसिंग फीस का मिलान अवश्य करें। 4. मानवीय सहायता का विकल्प: यदि एआई चैटबॉट आपकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है, तो हमेशा बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके मानव प्रतिनिधि से बात करने का प्रयास करें।

महत्वपूर्ण जानकारी

भरोसा (Bharosa) एक P2P लेंडिंग प्लेटफॉर्म है, नौकरी एजेंसी या सरकारी भर्ती पोर्टल नहीं। हम नौकरी दिलाने की गारंटी नहीं देते। पर्सनल लोन तभी लें जब EMI चुकाने की क्षमता हो। KYC दस्तावेज़, OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी एजेंट, व्हाट्सऐप ग्रुप या अज्ञात लिंक पर साझा न करें। नौकरी या स्कीम की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक नोटिफिकेशन से करें।

Keep reading

इसी विषय की और खबरें — अगला लेख पढ़ें, साइट छोड़ने से पहले।