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6.5% तक डिविडेंड यील्ड: इन 3 शेयरों से होगी धाकड़ कमाई, जानें पूरी डिटेल
परिचय शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए केवल शेयरों की कीमत बढ़ना ही कमाई का एकमात्र जरिया नहीं होता। जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है, तो वह अपने शेयरधारकों को उस म
परिचय
शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए केवल शेयरों की कीमत बढ़ना ही कमाई का एकमात्र जरिया नहीं होता। जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है, तो वह अपने शेयरधारकों को उस मुनाफे का एक हिस्सा देती है, जिसे 'डिविडेंड' या लाभांश कहा जाता है। हाल ही में बाजार की सुस्ती के बीच कुछ ऐसे शेयर सामने आए हैं, जो 6.5% तक की शानदार डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) दे रहे हैं।
जो निवेशक शेयर बाजार में कम जोखिम के साथ नियमित कमाई या पैसिव इनकम (Passive Income) की तलाश में रहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। ऐसे समय में जब बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर सीमित ब्याज मिलता है, तब अच्छी कंपनियों के डिविडेंड स्टॉक निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे शेयर और कैसे काम करती है डिविडेंड से कमाई की यह गणित।
विस्तार और पृष्ठभूमि
जब भी हम डिविडेंड यील्ड की बात करते हैं, तो इसका सीधा मतलब होता है कि किसी शेयर की मौजूदा बाजार कीमत के मुकाबले कंपनी आपको सालाना कितना डिविडेंड दे रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर की कीमत 100 रुपये है और कंपनी साल में 6.5 रुपये का डिविडेंड देती है, तो उसकी डिविडेंड यील्ड 6.5% होगी। यह रिटर्न अक्सर देश के प्रमुख बैंकों की एफडी (FD) दरों के बराबर या उससे भी बेहतर होता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बुनियादी आधार (Strong Fundamentals) वाली कंपनियां ही लगातार और मोटा डिविडेंड देने में सक्षम होती हैं। आमतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (PSU Stocks), पावर, तेल एवं गैस और मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनियां उच्च लाभांश देने के लिए जानी जाती हैं।
डिविडेंड देने वाली कंपनियों की पहचान कैसे करें?
निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि केवल ऊंची डिविडेंड यील्ड देखकर ही किसी शेयर में पैसा नहीं लगाना चाहिए। आपको कंपनी के पिछले कुछ सालों के डिविडेंड रिकॉर्ड, उसके कैश फ्लो और कर्ज की स्थिति पर भी नजर रखनी चाहिए। लगातार लाभांश का इतिहास: देखें कि कंपनी पिछले 3 से 5 सालों से नियमित रूप से डिविडेंड दे रही है या नहीं। कंपनी का मुनाफा: कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़ रहा होना चाहिए, ताकि भविष्य में भी डिविडेंड जारी रहे। कैश फ्लो:* कंपनी के पास पर्याप्त नकदी होनी चाहिए ताकि उसे अपने व्यापार विस्तार और लाभांश वितरण में दिक्कत न आए।
आम आदमी पर असर
डिविडेंड वाले शेयरों में निवेश करने से एक आम सैलरीड व्यक्ति, छोटे कारोबारी या सीनियर सिटीजन को सीधा आर्थिक लाभ मिल सकता है। जहाँ सामान्य शेयरों में जब तक आप शेयर बेचते नहीं हैं, तब तक मुनाफा केवल कागजों पर होता है, वहीं डिविडेंड का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है।
- पैसिव इनकम का जरिया: नियमित डिविडेंड से आप बिना शेयर बेचे अपने दैनिक या मासिक खर्चों के लिए अतिरिक्त आय जुटा सकते हैं।
- फिक्स्ड डिपॉजिट का विकल्प: बैंक एफडी की तुलना में अच्छे शेयरों में कैपिटल एप्रिसिएशन (शेयर की कीमत बढ़ना) और डिविडेंड दोनों का फायदा मिलता है।
- महंगाई से बचाव: डिविडेंड देने वाली मजबूत कंपनियां महंगाई दर को मात देने वाला रिटर्न देने में सक्षम होती हैं।
- जोखिम प्रबंधन: बाजार में गिरावट के दौरान भी मोटी डिविडेंड यील्ड वाले शेयर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं और ज्यादा नहीं गिरते।
क्या जाँचें
यदि आप भी इन उच्च डिविडेंड देने वाले 3 शेयरों में पैसा लगाने का विचार कर रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों की जाँच करना बेहद आवश्यक है:
1. एक्स-डिविडेंड तारीख (Ex-Dividend Date): डिविडेंड का लाभ पाने के लिए आपको एक्स-डेट से कम से कम एक दिन पहले शेयर खरीदना होता है। 2. रिकॉर्ड डेट (Record Date): इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में आपका नाम शेयरधारक के रूप में दर्ज होना चाहिए। 3. टैक्स के नियम: ध्यान रखें कि डिविडेंड से होने वाली आय आपके कुल इनकम में जुड़ती है और आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है। यदि एक वित्तीय वर्ष में डिविडेंड आय 5,000 रुपये से अधिक है, तो कंपनी टीडीएस (TDS) भी काटती है। 4. कंपनी का ऑफिशियल नोटिफिकेशन: किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले एनएसई (NSE) या बीएसई (BSE) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कंपनी के कॉर्पोरेट एक्शन और आधिकारिक घोषणा की पुष्टि अवश्य करें।
महत्वपूर्ण जानकारी
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