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Buy Now Pay Later: जेनरेशन-ज की BNPL आदत से अनसिक्योर्ड लोन में उछाल, RBI की बढ़ी चिंता
परिचय आजकल युवाओं और खासकर जेनरेशन-ज (Gen Z) के बीच 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) यानी "अभी खरीदें, भुगतान बाद में करें" का चलन बेहद तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स,
परिचय
आजकल युवाओं और खासकर जेनरेशन-ज (Gen Z) के बीच 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) यानी "अभी खरीदें, भुगतान बाद में करें" का चलन बेहद तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, महंगे गैजेट्स और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए बिना तुरंत पैसे दिए सामान घर ले आने की यह सुविधा पहली नजर में बेहद आकर्षक लगती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस प्रवृत्ति और इसके कारण बिना गारंटी वाले कर्जों (Unsecured Loans) में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।
आरबीआई की नजर इस बात पर है कि कैसे छोटे-छोटे और बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे दिए जाने वाले ये लोन आम लोगों, खासकर युवाओं को कर्ज के जाल में फंसा रहे हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि वित्तीय अनुशासन की कमी और बिना सोचे-समझे लिया गया कर्ज भारत के बैंकिंग सिस्टम और खुद व्यक्तिगत बजट के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है।
विस्तार और पृष्ठभूमि
'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) मुख्य रूप से डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स और फिनटेक कंपनियों द्वारा दी जाने वाली एक ऐसी क्रेडिट सुविधा है, जो ग्राहकों को तुरंत खरीदारी करने और उसका भुगतान बाद में या आसान किस्तों (EMI) में करने की अनुमति देती है। कॉलेज जाने वाले छात्रों, नए-नए नौकरीपेशा युवाओं और सैलरीड कर्मचारियों के बीच यह मॉडल काफी लोकप्रिय हो चुका है। चूंकि इसमें भारी-भरकम कागजी कार्रवाई नहीं होती और बेहद आसानी से क्रेडिट लिमिट मिल जाती है, इसलिए युवा इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड लेंडिंग पर पहले भी सख्त रुख अपनाया है। आरबीआई का मानना है कि जब किसी कर्ज के पीछे कोई गारंटी या एसेट (जैसे मकान या सोना) नहीं होता, तो उसके डिफॉल्ट होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा बेहद आसानी से दिए जा रहे इन छोटे कर्जों का कुल आंकड़ा अब इतना बड़ा हो चुका है कि यह देश के कुल वित्तीय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। फिनटेक और बैंकों की इस अंधाधुंध लेंडिंग प्रैक्टिस पर अब नियम और कड़े किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
आम आदमी पर असर
BNPL और आसान अनसिक्योर्ड लोन की यह व्यवस्था मध्यमवर्ग, नौकरीपेशा और युवा आबादी के दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही है। आसान क्रेडिट की आदत कैसे किसी परिवार की वित्तीय सेहत बिगाड़ सकती है, इसे निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- ओवर-स्पेंडिंग और गैर-जरूरी खर्च: जब हाथ से तुरंत नकदी नहीं निकलती, तो लोग अपनी क्षमता से अधिक का सामान खरीद लेते हैं। इससे महीने का बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाता है।
- CIBIL स्कोर पर बुरा असर: समय पर BNPL की किस्त न चुकाने या देर से भुगतान करने पर क्रेडिट स्कोर (CIBIL) बुरी तरह प्रभावित होता है। भविष्य में होम लोन या कार लोन लेते समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- छिपा हुआ ब्याज और पेनाल्टी: कई बार 'नो-कॉस्ट EMI' के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, लेट पेमेंट पेनाल्टी और भारी ब्याज दरें वसूली जाती हैं, जिसका अंदाजा युवाओं को शुरुआत में नहीं होता।
- डेट ट्रैप (कर्ज का जाल): एक BNPL बिल को चुकाने के लिए दूसरा पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना युवाओं को वित्तीय दलदल में धकेल देता है।
क्या जाँचें
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य डिजिटल लोन, BNPL या किसी भी प्रकार का अनसिक्योर्ड लोन लेने की सोच रहा है, तो आवेदन करने से पहले इन बातों की जांच जरूर करें:
1. ब्याज दरें और पेनाल्टी शर्तें
किसी भी फिनटेक ऐप या बैंक से क्रेडिट सुविधा लेने से पहले उसके नियमों को ध्यान से पढ़ें। यह जरूर जांचें कि बिल में देरी होने पर कितना प्रतिशत विलंब शुल्क या ब्याज लगेगा।
2. प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता
कर्ज देने वाला प्लेटफॉर्म रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पंजीकृत एनबीएफसी (NBFC) या बैंक से जुड़ा है या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें। किसी भी गैर-पंजीकृत या संदिग्ध ऐप से बचें।
3. मासिक EMI और अपनी रीपेमेंट क्षमता
अपनी कुल मासिक आय में से आवश्यक खर्चों को घटाकर यह तय करें कि आप कितनी EMI आसानी से भर सकते हैं। आपकी कुल EMI आपकी शुद्ध आय के 30-40% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
महत्वपूर्ण जानकारी
भरोसा (Bharosa) एक P2P लेंडिंग प्लेटफॉर्म है, नौकरी एजेंसी या सरकारी भर्ती पोर्टल नहीं। हम नौकरी दिलाने की गारंटी नहीं देते। पर्सनल लोन तभी लें जब EMI चुकाने की क्षमता हो। KYC दस्तावेज़, OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी एजेंट, व्हाट्सऐप ग्रुप या अज्ञात लिंक पर साझा न करें। नौकरी या स्कीम की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक नोटिफिकेशन से करें।