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Loan Rates Hike: 7 बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें, जानें आपकी होम और कार लोन EMI पर कितना पड़ेगा असर
परिचय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति समीक्षा के तहत उठाए गए कदमों के बाद देश के बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिजर्व बैंक के फैसले के तुरंत बाद
परिचय
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति समीक्षा के तहत उठाए गए कदमों के बाद देश के बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिजर्व बैंक के फैसले के तुरंत बाद देश के प्रमुख 7 सरकारी और निजी बैंकों ने अपने कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इस फैसले का सीधे तौर पर असर उन करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा जिन्होंने बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है।
ब्याज दरों में इस बढ़ोतरी के बाद अब नए लोन लेने वालों को तो महंगी दरों पर कर्ज मिलेगा ही, साथ ही जिन लोगों का लोन पहले से चल रहा है, उनकी मासिक किश्त (EMI) या लोन की अवधि (Tenure) भी बढ़ जाएगी। ऐसे में भारतीय परिवारों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
विस्तार और पृष्ठभूमि
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी आरबीआई नीतिगत दरों या रेपो रेट में बदलाव करता है या बाजार में तरलता (Liquidity) को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाता है, तो बैंक अपनी फंड की लागत (Cost of Funds) का आकलन करते हैं। इसी के आधार पर बैंक अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR), रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) या एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) में संशोधन करते हैं।
हालिया घटनाक्रम में 7 बड़े बैंकों ने अपनी कर्ज दरों में वृद्धि की है। इसका मतलब है कि बैंकों के लिए कर्ज देना महंगा हो गया है, जिसकी भरपाई वे ग्राहकों से ब्याज दरें बढ़ाकर कर रहे हैं। जब बैंक MCLR या EBLR बढ़ाते हैं, तो उससे जुड़े सभी फ्लोटिंग रेट लोन खुद-ब-खुद महंगे हो जाते हैं।
कैसे तय होती है आपकी लोन की ब्याज दर?
- MCLR व्यवस्था: यह बैंक की अपनी फंड लागत पर आधारित होती है। इसमें आमतौर पर रिसेट डेट (जैसे 6 महीने या 1 साल) पर ब्याज दरें बदलती हैं।
- EBLR/RLLR व्यवस्था: यह सीधे आरबीआई के रेपो रेट से जुड़ी होती है। जब भी आरबीआई कोई बदलाव करता है, इसका असर ग्राहकों के लोन पर बहुत तेजी से दिखता है।
ब्याज दरों में 0.10% से लेकर 0.25% तक की भी बढ़ोतरी देखने में छोटी लग सकती है, लेकिन 20 या 30 साल की अवधि वाले बड़े होम लोन पर इसका कुल असर लाखों रुपये का हो सकता है।
आम आदमी पर असर
महंगाई के इस दौर में बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से आम नौकरीपेशा, मध्यवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यदि आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है, तो बैंक आपके पास दो विकल्प रख सकते हैं - पहला, आपकी मासिक EMI की राशि बढ़ा दी जाए, या दूसरा, आपकी EMI समान रखी जाए और लोन की समय सीमा (महीनों की संख्या) बढ़ा दी जाए।
इस फैसले का आम आदमी के जीवन पर निम्नलिखित प्रमुख प्रभाव पड़ सकते हैं:
- मासिक बजट में गड़बड़ी: EMI की राशि बढ़ने से घर के राशन, बच्चों की फीस और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए बचाई जाने वाली राशि कम हो जाएगी।
- नए घर और गाड़ी की खरीदारी टलना: ब्याज दरें महंगी होने से नए होम लोन और ऑटो लोन लेने वाले ग्राहक फिलहाल अपनी खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं।
- लंबे समय तक कर्ज का बोझ: यदि लोन की अवधि बढ़ाई जाती है, तो ग्राहक को सेवानिवृत्ति (Retirement) की उम्र के करीब तक किश्तें चुकानी पड़ सकती हैं।
- पर्सनल और बिजनेस लोन महंगे: अनसिक्योर्ड लोन जैसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड पर ली गई क्रेडिट लिमिट पर भी ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में लोन लेना खर्चीला हो जाएगा।
क्या जाँचें
यदि आप भी किसी बैंक से लोन ले चुके हैं या निकट भविष्य में नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपको तुरंत कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए और निम्नलिखित बातों की गहराई से जाँच करनी चाहिए:
- अपना लोन एग्रीमेंट देखें: यह जाँचें कि आपका लोन MCLR, EBLR या बेस रेट में से किस बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है।
- रिसेट डेट की जानकारी लें: यदि आपका लोन MCLR पर आधारित है, तो पता करें कि आपकी अगली रिसेट तिथि कब है। उसी दिन से नई दरें लागू होंगी।
- बैंक का आधिकारिक नोटिस पढ़ें: अपनी बैंक शाखा या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दरों में हुई सटीक बढ़ोतरी (बेसिस पॉइंट्स) की पुष्टि करें।
- EMI कैलकुलेटर का उपयोग करें: नई ब्याज दर के हिसाब से इंटरनेट पर मौजूद आधिकारिक लोन कैलकुलेटर की मदद से अपनी नई EMI या बढ़ी हुई अवधि का हिसाब लगाएं।
- बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प: यदि आपका बैंक बहुत अधिक ब्याज वसूल रहा है, तो अन्य बैंकों की दरों की तुलना करें और लोन ट्रांसफर (Home Loan Balance Transfer) के विकल्प पर विचार करें।
महत्वपूर्ण जानकारी
भरोसा (Bharosa) एक P2P लेंडिंग प्लेटफॉर्म है, नौकरी एजेंसी या सरकारी भर्ती पोर्टल नहीं। हम नौकरी दिलाने की गारंटी नहीं देते। पर्सनल लोन तभी लें जब EMI चुकाने की क्षमता हो। KYC दस्तावेज़, OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी एजेंट, व्हाट्सऐप ग्रुप या अज्ञात लिंक पर साझा न करें। नौकरी या स्कीम की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक नोटिफिकेशन से करें।